Raja Thakur Lyrics : Mausam-E-Ishq , Kya Karna Hai Tay Tumko Karna Hai

Raja Thakur Lyrics : Mausam-E-Ishq , Kya Karna Hai Tay Tumko Karna Hai :- दोस्तों , आज मै आपसे Raja Thakur की New Poem Prem Mausam-E-Ishq , Kya Karna Hai Tay Tumko Karna Hai की  Lyrics In Hindi लेकर आया हूँ जिसे Raja Thakur ने बहुत ही बखूबी ढंग से पेश किया है पोस्ट के अंत में हमने Prem Mausam-E-Ishq , Kya Karna Hai Tay Tumko Karna Hai की Video Link भी दी है जहाँ पर आप इस विडियो को देख भी सकते हैं |

जब भी तुझे देखता हूँ ,

तो झुक जाता है सर मेरा|

जब भी तुझे देखता हूँ ,

तो झुक जाता है सर मेरा|

अगर तू खुदा नहीं है,

तो साबित कर |

 

                            Raja Thakur : Mausam-E-Ishq

 

मौसम-ए-इश्क में,

इश्क की गज़ल गुनगुनाते है|

मौसम-ए-इश्क़ में,

इश्क की गज़ल गुनगुनाते है|

आइये इश्क को इश्क सिखाते है |

कि आप सब पर हम,

जान निसार करते है|

आप सब हम पर जान निसार करते है|

बात जब यहाँ तक आ ही पहुँची है,

तो चलो ऐतबार करते है|

की आप सब हम पर जान निसार करते है|

बात जब यहाँ तक आ ही पहुँची है ,

तो चलो एतबार करते है |

सुनो तुमसे प्यार करते है|

इश्क करने वालो की,

आज महफ़िल बैठाते है |

इश्क करने वालो की महफ़िल बैठाते है|

आइये इश्क को इश्क सिखाते है |

आज आपके प्यार,

की अज्बाइस करते है|

चलो आज वो सुनाते है,

जिसकी आप सब फ़रमाइश करते है|

आज जो जीवन सारा

आप सबके नाम करते है

सुनो तुमसे प्यार करते है |

चलिए दिल वालो से,

अब हम भी दिल लगाते है,

आइये इश्क को इश्क सिखाते है |

Raja Thakur : Kya Karna Hai Tay Tumko Karna Hai

जब कोई इंतजार करे,

टूट कर तुमसे प्यार करे,

खुद को  रख कर थोडा पीछे,

जब तुमसे इजहार करे,

क्या करना है ये तय तुमको करना है|

जब रात सोये वो जागा कर,

तुझे याद कर गाया कर ,

संजीदा हो तुम थोड़ी से,

फिर भी तुमको सताया कर ,

क्या करना है ये तय तुमको करना है |

जब तू रोये ,

वो भी रोया करे,

तेरी बात को,

दिल में संजोया करे |

तेरी एक झलक पाने को,

तेरे collage के,

चक्कर लगाया करे |

क्या करना है ये तय तुमको करना है |

तेरी मुस्कराहट पर,

जो दिल हारा करे,

तेरे ऊपर अपनी,

जान तक वारा करे ,

तेरी छोटी से ख़ुशी की खातिर,

जो अपनी हर ,

हसरत को आवारा करे |

क्या करना है  तय तुमको करना है|

जिसके लिए तू सब ही हो ,

एक तू हो ख़ुशी,

बाकी गम ही हो,

तेरी घनी जुल्फों,

के साये में सोने के,

देख सपने जो शाम अपनी गुजारा कर|

क्या करना है तय तुमको करना है|

रब पढ़ रहा प्रेम पाथी है,

हाथ बढ़ा रहा साथी है ,

तेरी झुकी नजर को पढ़ कर,

जो सीने से तुझे अपने लगाया करे|

क्या करना है तय तुमको करना है |

ज़िन्दगी बरस सब,

मुझ पर गयी है,

मिलन की घड़ी,

अब निकट खड़ी है |

अब जो मुझको रब मान कर,

दिल से दिल की इबादत करे,

अरे करना क्या है, तय कर लिया है|

सुनो हमसफ़र हमने तुम्हे चुन लिया है|

 

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