Kya Tum Samajhti Ho Poem Lyrics In Hindi : Vihaan Goyal

Kya Tum Samajhti Ho Poem Lyrics In Hindi : Vihaan Goyal : दोस्तों , आज हम आपके लिए Vihaan Goyal का Kya Tum Samajhti Ho का Lyrics लेकर आये हैं |ये एक Love Story Poem Hindi में है जिसे Youtube पर बहुत ज्यादा पसंद किया गया ,इसे अब तक 7 लाख लोग देख चुके है , आशा है इसे आप भी बहुत पसंद करेंगे |

Kya Tum Samajhti Ho Poem Lyrics In Hindi : Vihaan Goyal

हां मै समझता हूँ , लेकिन जब अपनी माँ और तुममें से

मैंने तुम्हे चुन लिया

क्या तुम समझती हो

तुम जानती हो ,

मेरे पापा ने आज तक मेरी माँ से ,सीधे मुह बात तक नहीं की |

लेकिन हमने तुम्हे बाबू बना दिया यार ………….

क्या तुम समझती हो

Kya Tum Samajhti Ho 

तुम जब चाहे अपनी माँ से Phone पे , बात कर लेती हो |

पापा की तबियत कैसी है , दोनों भाभियों में से ज्यादा काम कौन सी भाभी करती है |

आज घर में सब्जी कौन सी बनी है

मै तुम्हे कभी भी नहीं रोकता !

और न ही रोकना चाहता हूँ

लेकिन तुम्हारे रहते , मै अपने ही घर में ,

अपनी माँ से एक मिनट बैठ कर बात नहीं कर पाता

क्या तुम समझती हो

Kya Tum Samajhti Ho 

कभी भी अगर ………

कभी भी अगर मै माँ के साथ थोड़ी देर बैठ कर बात करने लगु अकेले में ,

तो तुम्हे लगता है माँ , मुझसे तुम्हारी चुगली करने लगी है !

और मेरे Office से घर आते ही तुम झट से दरवाजा बंद कर लेती हो

पर माँ कभी भी कुछ नहीं कहती !!

क्या तुम समझती हो

Kya Tum Samajhti Ho 

जानती हो

पापा ने जमीन खरीदी , दुकान खरीदी , ये घर बनवाया |

कभी आज तक मां से पूछा नहीं सिर्फ बताया ,

कभी सलाह मशवरा तक नहीं किया !

लेकिन , मै साला 250 रूपये की T Shirt भी खरीदता हूँ न ,

तो तुमसे तीसों बार permission लेता हूँ

बाबू Colour ठीक है न ,

Print तो ठीक है न , लूँ की नहीं लूँ !

क्या तुम समझती हो

Kya Tum Samajhti Ho 

जब कभी मुझे Office से घर आने में देर हो जाती है न ,

तो तुम मुझे Phone पर Message कर देती हो ,

कि जाना सुनो ना ,

मैंने न खाना बनाकर फ्रीज़ में रख दिया है |

तुम Please निकाल कर खा लेना ,

क्योंकि मुझे बहुत नींद आ रही है |

लेकिन माँ तब तक नहीं सोती है ,

जब तक मै खाना खाकर यहाँ सोने नहीं आ जाता हूँ |

अपने बेटे के लिए माँ के इस प्यार को ,

क्या तुम समझती हो

Kya Tum Samajhti Ho 

गुप्ता Aunty , माँ की एकलौती सहेली

कभी किसी एक दिन शाम को आकर माँ के पास थोड़ी देर बैठ जाए ,

और उनके बीच में थोड़ा हंसी मजाक होने लगे ,

तो तुम्हे उसी वक़्त ,

Full Volume में गाना सुनने का मन करता है ,

लेकिन जब कभी तुम देर तक सोती रहती हो न सुबह ,

माँ अपनी कृष्ण जी की आरती भी , बड़ी धीमी आवाज में करती है |

ये ध्यान रखते हुए कि कही तुम्हारी नींद न टूट जाए,

क्या तुम समझती हो

Kya Tum Samajhti Ho 

हाँ तुम पत्नी हो तुम मेरी ,

हमने सात फेरे लिए हैं , जीवन के हर पड़ाव पर, हर परिस्थिति में ,

तुम्हारा साथ देने की कसम खाई है मैंने

तुम्हारा पूरा हक बनता है मुझ पर ,

लेकिन जिस माँ ने मुझे नौ महीने अपनी कोख में रखा है ,

उस माँ का हक ,

क्या तुम समझती हो

Kya Tum Samajhti Ho 

तुम्हारे लिए तुम्हारा घर तुम्हारे माँ बाप भाई बच्चा पति

इन्ही सब लोगो को अपना परिवार मानती हो ,

यही सब तुम्हारे रिश्ते हैं ,

और मेरा घर , और मेरे माँ बाप

ये रिश्ते

क्या …………………..

शादी सिर्फ दो लोगो के रिश्ते का नाम नहीं है यार ,

दो परिवार आपस में जुड़ते हैं ,

भाई – बहन की नोक झोंक

भाभी देवर का हंसी मजाक बन जाता है ,

पापा का प्यार , ससुर का दुलार बन जाता है !

और माँ की जगह सास ले लेती है |

और उसी हक से माँ ने जरा सा तुम्हे

डांट क्या दिया तो तुम उन्हें पलट कर जवाब दे देती हो ,

वही तुम्हारी खुद की माँ , तुम्हे चार लोगो के सामने ,

थप्पड़ भी लगा दे न यार ,

तो तुम उन्हें पलट कर जवाब नहीं देती हो !

तब बी प्यार से ही बात करती हो ,

मै तुम्हे अकेले को दोषी नहीं ठहरा रहा हूँ ,

इसमें तुम्हारे आकेले की गलती नहीं है ,

न तो माँ ने , तुम्हे कभी अपनी बेटी माना है,

और न ही तुमने उन्हें कभी माँ माना है ,

मै किसी की तरफदारी भी नहीं कर रहा हूँ ,

मै तो सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ ;

कि माँ अपनी जिन्दगी जी चुकी है ,

लेकिन तुम्हे अभी भी अपनी जिन्दगी जीनी है

तो क्या हुआ यार ! अगर माँ थोड़ी जबान की खड़ी है !

अगर तुम भी वही गलती करोगी ,

जो माँ करती है ,

तो माँ के आठवीं फेल होने में ,

और तुम्हारी Masters की डिग्री में ,

क्या फ़र्क रह जाता है यार !!

बद्द्प्न जो है न , गुस्से और अकड में आकर ,

रिश्ता तोड़ने में नहीं है

बल्कि झुककर विनम्रता से जोड़ने में है ,

अगर आज भी तुम्हे मेरी बात समझ में नही आ रही न ,

तो तब याद आएगी ,

जब तुम्हारी बहु तुम्हारे साथ बिलकुल ऐसा ही करेगी

और तुम्हारा बेटा , तुम्हे सामने खड़ाकर कर ,

तुम्हारी बहु से सिर्फ एक ही सवाल पूछेगा ,

क्या तुम समझती हो

Kya Tum Samajhti Ho 

Shekhar Mishra

About Shekhar Mishra

Hi !! मै शेखर मिश्रा , आपका Bharat Ki Shan पर आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ ! मै एक हिन्दी Blogger हूँ और अभी भारत की शान जैसे 28 Blogs पर काम कर रहा हूँ ! अभी मेरे पास इस author बॉक्स मे लिखने के लिए कुछ भी नहीं है , लेकिन जल्द ही हम हिन्दी भाषा के जरिये ही पूरे संसार पर पकड़ बनाने वाले हैं !

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