The Enchanted Pool Story in Hindi : जादुई तालाब

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The Enchanted Pool Story in Hindi : जादुई तालाब :- नमस्कार मित्रों आज हम आपको The Enchanted Pool In Hindi जिसे लिखा है C.Raj Gopalachari ने !! यह कहानी Motivational Story है | C.Rajgopalachari एक Freedom fighters थे| वह एक अच्छे वकील भी थे| C. Raj Gopalachari को भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है | C.Rajgopalachari एक अच्छे राजनैतिक नेता थे | आशा है, आपको यह कहानी पढ़कर अच्छा लगेगा तो चलिए आइए जानते हैं इस कहानी के बारे मे …………

The Enchanted Pool Story in Hindi : जादुई तालाब

कौरवों ने पांडवों को 12 वर्ष का वनवास और 1 साल का अज्ञातवास दिया था| दुर्योधन ने पांडवों से कहा –  कि अगर तुम 12 वर्ष के वनवास के दौरान अगर पहचान लिए जाते हो तो तुम्हें दोबारा 12 वर्ष का वनवास मिलेगा’ जब पांडव अज्ञातवास के दौरान जंगल में ठहरे थे|  चलते-चलते पांडव थक गए तब उन्हें अत्यधिक प्यास लगी तभी सभी पांडवों में बड़े युधिष्ठिर ने नकुल से कहा की नकुल तुम पेड़ पर चढ़ कर देखो, यदि कोई तालाब दिखे तो वहां से थोड़ा जल ले आओ इस तरह नकुल सबसे पहले पेड़ पर चढ़कर देखा तभीनकुल को एक तालाब दिखाई दिया|

The Enchanted Pool Story in Hindi : जादुई तालाब :- युधिष्ठिर की आज्ञा के अनुसार नकुल पानी की खोज में निकल गए| नकुल के बहुत देर तक ना आने पर युधिष्ठिर ने सहदेव को भेजा लेकिन, सहदेव को भी बहुत देर हो गई युधिष्ठिर चिंता में थे कि इस बड़े जंगल में कोई दुर्घटना ना हो जाए| फिर युधिष्ठिर ने अर्जुन को भेजा फिर भीम को इस तरह चारों भाई वापस न लौटें| युधिष्ठिर को चिंता होने लगी की कोई भी भाई उनका वापस ना आया| युधिष्ठिर सोचने लगे कि, उन्हें कोई श्राप तो नहीं लग गया| क्या वे अभी भी पानी की खोज में जंगल में घूम रहे हैं, क्या वह बेहोश हो चुके हैं ,क्या वह बेहोश हो चुके हैं ,या प्यासे मर चुके हैं| इन विचारों को सहन ना कर पाने और प्यास से बेहाल होकर वह भाइयों और तालाब को ढूंढने की उम्मीद में निकल पड़ते हैं|

युधिष्ठिर ने भी उसी दिशा में रुक किया जो उनके भाइयों ने चुना था| इन रास्तों पर चलते रहे जो जंगली सूअरों चितकबरा हीरनो और बड़े जंगली पक्षियों से भरा था| घूमते-घूमते अंत में उन्हें एक सुंदर घास के एक मैदान पर ले गया |जो एक साफ पानी के तालाब के चारों ओर फैला था लेकिन, जब उन्होंने अपने भाइयों को ध्वजा के स्तंभों की तरह नीचे गिरता देखा तो युधिष्ठिर अत्यंत दुखी हुए| युधिष्ठिर ने अपने भाइयों को देखा और उन्होंने भीम और अर्जुन के चेहरों को छुआ क्योंकि, वह अत्यंत शांत थे| युधिष्ठिर बोले मैं माता कुंती को क्या मुंह दिखाऊंगा| भगवान ने मुझे इस दुर्भाग्य की स्थिति में मुझे छोड़ दिया है |जब उन्होंने उनके शक्तिशाली अंगों को देखा जो काफी असहाय थे| उन्होंने शोकाकुल होकर सोचा कि वह कौन है, जो इतने शक्तिशाली को मार सकता था|

युधिष्ठिर ने सोचा यह रहस्य इस तालाब के अंदर समाहित है| यह सोचकर युधिष्ठिर तालाब में पानी पीने जा रहे थे क्योंकि, युधिष्ठिर को भी बहुत तेज प्यास लगी थी| तभी एक आवाज के रूप में चेतावनी सुनाई दी कि” यह तालाब मेरा है और मेरी इच्छा के बिना तुम पानी नहीं पी सकते हो तुम्हारे भाइयों ने यह गलती की इसलिए यह मृत अवस्था में पड़े हुए हैं क्योंकि उन्होंने मेरे शब्दों पर ध्यान नहीं दिया उन्होंने मेरे सवालों के जवाब  नहीं दिए बिना पानी पीने की कोशिश की है इसलिए है युधिष्ठिर मेरे सवालों का जवाब दे देने पर तुम मेरे तालाब से अपनी प्यास बुझा सकते हो”| युधिष्ठिर अत्यंत बुद्धिमान और धर्म पर चलने वाले राजा थे| इसलिए उन्हें यह समझने में बिल्कुल देर नहीं लगी कि, यह कोई साधारण व्यक्ति नहीं जरूर ही यह यक्ष हैं युधिष्ठिर ने यह भी सोचा कि यही तरीका है| अपने भाइयों को जिंदा करने का युधिष्ठिर ने कहा कि महाराज आप अपने प्रश्न पूछिए यक्ष ने युधिष्ठिर से एक के बाद एक कई प्रश्न पूछे जो इस प्रकार हैं :-

The Enchanted Pool Question and Answer

                       युधिष्ठिर यक्ष संवाद 

 

Yaksha : खतरे में इंसान को क्या बचाता है ?

Yudhisthira : साहस

Yaksha : किस विज्ञान के अध्ययन से मनुष्य बुद्धिमान बन जाता है ?

Yudhisthira : किसी शास्त्र के अध्ययन से नहीं पर महा ज्ञानियों की संगत से इंसान ज्ञान प्राप्त करता है|

Yaksha : हवा से ज्यादा तेज क्या है ?

Yudhisthira : मन

Yaksha : संख्या में तिनकों से अधिक क्या है ?

Yudhisthira : चिंता

Yaksha : मनुष्य की आत्मा क्या है ?

Yudhisthira : पुत्र

Yaksha : एक यात्री का मित्र कौन है ?

Yudhisthira : ज्ञान

Yaksha : घर में रहने वाले का मित्र कौन है ?

Yudhisthira : पत्नी

Yaksha: मृत्यु होने पर आदमी के साथ कौन जाता है ?

Yudhisthira : धर्म

Yaksha : सबसे बड़ा पोत कौन है ?

Yudhisthira : पृथ्वी

Yaksha : खुशी क्या  है ?

Yudhisthira : खुशी अच्छे आचरण का परिणाम है|

Yaksha : वह क्या है जिसे करने के बाद आदमी सभी को प्यारा हो जाता है ?

Yudhisthira : घमंड

Yaksha : क्या खोने पर दुख नहीं खुशी पैदा होती है ?

Yudhisthira : क्रोध

Yaksha : वह क्या है जिसे छोड़ने पर आदमी समृद्ध हो जाता है ?

Yudhisthira : इच्छा

Yaksha : पृथ्वी से भारी कौन है ?

Yudhisthira : माता

Yaksha : आकाश से ऊंचा कौन है ?

Yudhisthira : पिता

Yaksha : जगत को किस वस्तु ने ढक रखा है ?

Yudhisthira : अज्ञानता

Yaksha : आलस्य क्या है ?

Yudhisthira : धर्म ना करना

सुखी कौन है |

जो ऋणी ना हो

Yaksha : सच्चा स्नान कौन सा है ?

Yudhisthira : जो मन का मैल धुल दे

Yaksha :काजल से अधिक काला क्या है ?

Yudhisthira : कलंक

Yaksha : लोक में श्रेष्ठ धर्म क्या है ?

Yudhisthira : दया

Yaksha : किस को वश में रखने पर शोक नहीं होता ?

Yudhisthira : मन को वश में रखने पर शोक नहीं होता|

Yaksha : लज्जा क्या है ?

Yudhisthira : ना करने योग्य कार्य से दूर रहना लज्जा है|

Yaksha :  दवा क्या है ?

Yudhisthira : सबकी सुखों की इच्छा करना|

Yaksha : राष्ट्र की मृत्यु का कारण क्या है ?

Yudhisthira : अराजकता|

Yaksha : सबसे बड़ा आश्चर्य क्या है ?

Yudhisthira : कि हर व्यक्ति यह जानता है कि मृत जीवन का अंतिम सत्य है फिर भी यह सोचता रहता है कि कदाचित् उसके जीवन का अंतिम सत्य मृत्यु नहीं है|

सभी प्रश्नों के जवाब सुनने के उपरांत यक्ष बहुत खुश हुए युधिष्ठिर ने कहा आप कोई साधारण व्यक्ति नहीं है, क्योंकि आपने मेरे बलशाली धनुर्धारी भाइयों के प्राण ले लिए हैं| इसलिए हे प्रभु आप अपना परिचय दीजिए तभी यक्ष भगवान यमराज के रूप में आ गए| उन्होंने युधिष्ठिर से कहा कि हे युधिष्ठिर तुम अत्यंत बुद्धिमान हो| तुमने अपनी बुद्धिमत्ता से प्रश्नों के जवाब दिए हैं अतः जो वरदान मांगना चाहते हो मांग सकते हो| मेरे प्रिय भाई नकुल को जिंदा कर दे यह सुनकर यमराज आचम्भित रह गए और यह भगवान बोले कि तुमने बलशाली अर्जुन भाइयों को जीवित करने का वरदान क्यों नहीं मांगा तो, उसने बड़ी विनम्रता से जवाब दिया की| माता कुंती का एक पुत्र जीवित रहेगा इसी प्रकार माता माद्र्री का भी एक पुत्र जीवित रहना चाहिए ये कहा कि तुम्हें ऐसे ही नहीं कहा जाता है जिसके द्वारा इस प्रकार के रूप में यमराज भगवान खुश होकर सभी भाइयों को जीवित कर दिया|

इस प्रकार सी राजगोपालाचारी द्वारा The Enchanted Pool In Hindi कहानी समाप्त होती है| आशा है आपको यह कहानी बहुत अच्छी लगी होगा|

धन्यवाद |

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