Baith Jata Hu Mitti Pe Aksar Lyrics

Baith Jata Hu Mitti Pe Aksar Lyrics

कवि हरिवंश राय बच्चन की कविताओ में , कुछ अजीब सा दर्द छिपा होता न जाने ये शब्द कहाँ हमारे दिल से ऐसे टकरा जाते हैं कि हमें अंदर से कुछ नया करने का जज्बात पैदा करते हैं !! आज मै आपसे एक ऐसी ही कविता Share करने वाला हूँ :-

Baith Jata Hu Mitti Pe Aksar [ Infographic ]

 

                  Baith Jata Hu Mitti Pe Aksar Poem In Hindi

बैठ जाता हूं मिट्टी पे अक्सर…क्योंकि मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है..मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा,चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना ।।ऐसा नहीं है कि मुझमें कोई ऐब नहीं है पर सच कहता हूँ मुझमे कोई फरेब नहीं है

जल जाते हैं मेरे अंदाज़ से मेरे दुश्मन क्यूंकि एक मुद्दत से मैंने न मोहब्बत बदली और न दोस्त बदले .!!

एक घड़ी ख़रीदकर हाथ मे क्या बाँध ली..
वक़्त पीछे ही पड़ गया मेरे..!!

सोचा था घर बना कर बैठुंगा सुकून से..
पर घर की ज़रूरतों ने मुसाफ़िर बना डाला !!!

सुकून की बात मत कर ऐ ग़ालिब….
बचपन वाला ‘इतवार’ अब नहीं आता |

शौक तो माँ-बाप के पैसो से पूरे होते हैं,
अपने पैसो से तो बस ज़रूरतें ही पूरी हो पाती हैं..

जीवन की भाग-दौड़ में –
क्यूँ वक़्त के साथ रंगत खो जाती है ?
हँसती-खेलती ज़िन्दगी भी आम हो जाती है..
एक सवेरा था जब हँस कर उठते थे हम और
आज कई बार बिना मुस्कुराये ही शाम हो जाती है..

कितने दूर निकल गए,
रिश्तो को निभाते निभाते..
खुद को खो दिया हमने,
अपनों को पाते पाते..

लोग कहते है हम मुस्कुराते बहोत है,
और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते..
“खुश हूँ और सबको खुश रखता हूँ,
लापरवाह हूँ फिर भी सबकी परवाह
करता हूँ..

चाहता हूँ की ये दुनियाबदल दूँ ….
पर दो वक़्त की रोटी केजुगाड़ में फुर्सत नहीं मिलती दोस्तों

महँगी से महँगी घड़ी पहन कर देख ली,वक़्त फिर भी मेरे हिसाब से कभी ना चला …!

युं ही हम दिल को साफ़ रखा करते थे ..पता नही था की, ‘किमत चेहरों की होती है!!’

अगर खुदा नहीं हे तो उसका ज़िक्र क्यों ??और अगर खुदा हे तो फिर फिक्र क्यों ???

“दो बातें इंसान को अपनों से दूर कर देती हैं,एक उसका ‘अहम’ और दूसरा उसका ‘वहम’……

” पैसे से सुख कभी खरीदा नहीं जाता और दुःख का कोई खरीदार नहीं होता।”

मुझे जिंदगी का इतना तजुर्बा तो नहीं,पर सुना है सादगी मे लोग जीने नहीं देते।

किसी की गलतियों को बेनक़ाब ना कर
‘ईश्वर’ बैठा है, तू हिसाब ना कर!

Enjoy the life and keep smiling. ..

Shekhar Mishra

About Shekhar Mishra

Hi !! मै शेखर मिश्रा , आपका Bharat Ki Shan पर आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ ! मै एक हिन्दी Blogger हूँ और अभी भारत की शान जैसे 28 Blogs पर काम कर रहा हूँ ! अभी मेरे पास इस author बॉक्स मे लिखने के लिए कुछ भी नहीं है , लेकिन जल्द ही हम हिन्दी भाषा के जरिये ही पूरे संसार पर पकड़ बनाने वाले हैं !

View all posts by Shekhar Mishra →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.